विनिवेश विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

21 May 2012 8:16:03 AM

विनिवेश नीति

मौजूदा विनिवेश नीति का हाल ही के संसद के संयुक्त सत्र के दौरान राष्ट्रपति के संबोधन तथा हाल ही में संसद में दिए गए वित्त मत्री के बजट भाषण में उल्लेख किया गया है।
 
नीति की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं :

  (i)

भारत के नागरिकों को यह अधिकार है कि वे सरकारी क्षेत्र की कंपनियों में शेयरधारिता के एक हिस्से के शेयरधारक बनें।

  (ii)

सरकारी क्षेत्र के उपक्रम राष्ट्र की निधि हैं और यह निधि आम जनमानस के हाथों में होनी चाहिए।

  (iii)

विनिवेश करते समय सरकार अधिकांश शेयरधारिता अर्थात कम से कम 51 प्रतिशत और सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों का प्रबंधन नियंत्रण अपने पास रखे।
 

विनिवेश संबंधी दृष्टिकोण

05 नवम्बर, 2009 को सरकार ने लाभ अर्जित करने वाली सरकारी कंपनियों में विनिवेश करने के लिए निम्नलिखित कार्य योजना अनुमोदित की है :-

  i)

केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के पहले से ही सूचीबद्ध, लाभ अर्जित करने वाले उपक्रम, (जो अनिवार्य 10 प्रतिशत की आम जनमानस की भागीदारी की शर्त को पूरा नहीं करते) उनमें सरकार द्वारा "बिक्री की पेशकश" या केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों द्वारा शेयरों के नए निर्गम या दोनों के संयोजन से इस शर्त का पालन किया जाए।

  ii)

केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के वे उपक्रम जिनका संचित घाटा नहीं है तथा जो पिछले तीन वर्षों से लगातार निवल लाभ कमा रहे हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया जाए।

  iii)

अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकशों पर मामला दर मामला आधार पर केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यम की पूंजीनिवेश संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा और इसके साथ-साथ या स्वतंत्र रूप से सरकार अपनी इक्विटी शेयरधारिता के एक हिस्से की पेशकश कर सकती है।

  iv)

विनिवेश के सभी मामलों में सरकार कम से कम 51 प्रतिशत इक्विटी और प्रबंधन नियंत्रण अपने पास बनाए रखेगी।

  v)

विनिवेश के सभी मामलों पर मामला दर मामला आधार पर निर्णय लिया जाएगा ।

  vi)

विनिवेश विभाग संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों के परामर्श से केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों की पहचान करेगा और जिन मामलों में सरकारी इक्विटी की पेशकश आवश्यक हो, उनके प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत करेगा ।

 

© विनिवेश विभाग, 2010
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