विनिवेश विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार |
21 May 2012 8:23:43 AM |
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भारत सरकार |
| विनिवेश विभाग | |
| वित्त मंत्रालय |
केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों में आम जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना
केन्द्रीय सरकार क्षेत्र के उद्यमों में बेहतर निगमित नियंत्रण सुनिश्चित करना
निवेशकों, कर्मचारियों, कंपनी और सरकार के लिए केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के वास्तविक मूल्य को प्रकट करना
27 जनवरी, 2005 को सरकार ने “राष्ट्रीय निवेश कोष” (एनआईएफ) के गठन करने का निर्णय लिया था, जिसमें लाभ अर्जित करने वाले केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों में केन्द्रीय सरकार की अल्पांश शेयरधारिता की बिक्री से प्राप्त राशि को जमा किया जाएगा। इस निधि का रख-रखाव भारत के संचित कोष से अलग किया जाएगा। कोष से प्राप्त आय का उपयोग निम्नलिखित वृहत निवेश उद्देश्यों के लिए किया जाएगा :-
| (क) | सामाजिक क्षेत्र की उन परियोजनाओं में निवेश, जो शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और रोजगार को बढ़ावा दें । |
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| (ख) |
सरकारी क्षेत्र के उन चुनिंदा लाभप्रद और पुनरूद्धार योग्य उद्यमों में पूंजी निवेश, जो पर्याप्त आय प्रदान करते हैं ताकि विस्तार/िवविधिकरण का वित्तपोषण करने के लिए उनके पूंजी आधार में वृद्धि की जा सके। |
राष्ट्रीय निवेश कोष की मुख्य-मुख्य बातें :
| (i) | केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विनिवेश से प्राप्त अर्थागम को राष्ट्रीय निवेश कोष में जमा कराया जाएगा जिसे भारत की संचित निधि से अलग रखा जाएगा । |
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| (ii) | राष्ट्रीय निवेश कोष का संग्रह स्थायी प्रकृति का होगा । |
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| (iii) |
संग्रह को कम किए बिना सरकार को स्थायी आय प्रदान करने के लिए कोष की प्रबंध व्यवस्था व्यावसायिक तौर पर की जाएगी। कोष के संग्रह की प्रबंध व्यवस्था चुनिन्दा सार्वजनिक क्षेत्र के म्युचुअल फण्डों को सौंपी जाएगी । |
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| (iv) |
कोष से होने वाली वार्षिक आय के 75 प्रतिशत हिस्से का उपयोग सामाजिक क्षेत्र की उन चुनिन्दा योजनाओं का वित्त पोषण करने के लिए किया जाएगा जो शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार को बढ़ावा दें। कोष की शेष 25 प्रतिशत वार्षिक आय का उपयोग लाभप्रद तथा पुनरूद्धार योग्य केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की पूंजी निवेश संबंधी आवश्यकताओं को करने के लिए किया जाएगा ताकि विस्तार/िवविधिकरण के वित्त पोषण के लिए उनके पूंजी आधार को बढ़ाया जा सके । |
एनआईएफ के कोष प्रबंधक
राष्ट्रीय निवेश कोष की निधि का प्रबंधन करने के लिए आंरभ में सरकारी क्षेत्र के निम्नलिखित कोष प्रबंधकों की नियुक्ति की गई है, जो यह प्रबंधन विभागीय प्रबंधन योजना की उस स्वैच्छिक पद्धति के तहत करेंगे, जो सेबी के दिशा-निर्देशों द्वारा नियंत्रित होती है।
| i) | यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी लि. |
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| ii) | एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (प्रा.) लि. |
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| iii) | जीवन बीमा सहयोग, एसेट मैनेजमेंट कंपनी लि. |
एनआईएफ की निधि
कोष में 1814.45 करोड़ रुपए जमा हैं, जो पावर ग्रिड कारपोरेशन और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लि. में विनिवेश से प्राप्त हुए हैं। एनआईएफ से वर्ष 2008-09 में 84.81 करोड़ रुपए, वर्ष 2009-10 में 248.98 करोड़ रुपए और वर्ष 2010-11 के दौरान अब तक 107.32 करोड़ रुपए की आय हुई। पहले दो वर्षों की औसत आय 9.36 प्रतिशत थी।
विनिवेश से प्राप्त धनराशि का उपयोग
कोष से प्राप्त आय का उपयोग निम्नलिखित वृहत निवेश उद्देश्यों के लिए किया जाएगा :-
| (क) |
75 प्रतिशत आय का उपयोग सामाजिक क्षेत्र की उन चुनिंदा योजनाओं के लिए, जो शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और रोजगार को बढ़ावा दें । |
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| (ख) |
25 प्रतिशत आय का उपयोग केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उन लाभप्रद और पुनरूद्धार योग्य उद्यमों की पूंजी निवेश संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, जो पर्याप्त आय प्रदान करते हैं ताकि विस्तार/विविधिकरण का वित्तपोषण करने के लिए उनके पूंजी आधार में वृद्धि की जा सके। |
तथापि, वर्ष 2008-09 की वैश्विक मंदी द्वारा उत्पन्न कठिन आर्थिक स्थिति और भयानक सूखे, जिससे 11वीं योजना के विकास कार्यनिष्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नवंबर, 2009 में यह निर्णय लिया कि अप्रैल, 2009 से मार्च, 2012 तक तीन वर्षों की अवधि के लिए केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विनिवेश से प्राप्त धनराशि के उपयोग के लिए एक बार की छूट दी जाए अर्थात इस अवधि के दौरान विनिवेश से प्राप्त धनराशि, योजना आयोग/व्यय विभाग द्वारा निर्धारित सामाजिक क्षेत्र के चुनिंदा कार्यक्रमों की पूंजी व्यय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूर्ण रूप से उपलब्ध होगी। यथापूर्व स्थिति अप्रैल, 2012 से बहाल की जाएगी।
तदनुसार, विनिवेश से प्राप्त एनआईएफ में जमा की जाने वाली पूर्ण धनराशि का उपयोग, सरकार के सामाजिक क्षेत्र के निम्नलिखित कार्यक्रमों के अधीन पूंजी व्यय का वित्तपोषण करने के लिए किया जा रहा है :-
| (i) | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना |
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| (ii) | इंदिरा आवास योजना |
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| (iii) | राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना |
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| (iv) | जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन |
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| (v) | त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम |
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| (vi) | त्वरित विद्युत विकास सुधार कार्यक्रम
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